Personnel Administration कार्मिक प्रशासन ऐसे कुछ मौलिक मार्गदर्शक सिद्धांतों के बिना अधूरा है जो कि अति आवश्यक है क्योंकि कार्मिक प्रशासन का प्रत्यक्ष संबंध मानव के साथ है। कर्मचारियों पर नियंत्रण रखने के लिए और उनसे सर्वाधिक क्षमता से कार्य लेने के लिए सर्वोच्च प्रशासकों और नीति निर्माताओं को इन मौलिक सिद्धांतों को ध्यान में रखना चाहिए ।
कार्मिक प्रशासन के मौलिक सिद्धांत Basic Principles of Personnel Administration
इसके प्रमुख तत्व है नीति का निर्माण करना तथा उसे लागू करना ताकि निर्धारित उद्देश्यों की पूर्ति अधिकतम स्तर तक हो सके। कार्मिक शब्द का अर्थ ,कर्मचारियों ,अधिकारियों या सेवकों के समूह हैं ,जो संगठन में विभिन्न पदों पर कार्यरत होते हैं। कार्मिक प्रशासन के मौलिक सिद्धांत इस प्रकार हैं –
वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया का सिद्धांत ( Principle of Scientific Selection Procedures )
वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया का सिद्धांत ( Principle of Scientific Selection Procedures in Hindi ) – आधुनिक समय में प्रशासन को कई कठिन समस्याओं तथा स्थितियों का सामना करना पड़ता है। इन से निपटने के लिए प्रत्येक संगठन को योग्य और कुशल जनशक्ति की आवश्यकता होती है। यह आवश्यक है कि संगठन एक वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया अपनाएं ताकि जनशक्ति में उपयुक्त व्यक्ति लिए जा सके।
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कार्मिक विकास का सिद्धांत ( Principle of Personnel Development )
कार्मिक विकास का सिद्धांत ( Principle of Personnel Development in Hindi ) – आज के शीघ्रता से परिवर्तित होते हुए विश्व में, कर्मचारी तभी अपनी योग्यता बनाए रख सकते हैं ,यदि वे अपने ज्ञान व निपुणता को सुधारते रहे।
प्रत्येक कर्मचारी को विकास के लिए पूर्ण व समान अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। ताकि वह अपनी सर्वोत्तम योग्यता को पहचान सके। सभी कार्मिक नीतियों व कार्यक्रमों को प्रत्येक कर्मचारी के विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाना चाहिए ,ताकि वह नई चुनौतियों तथा उत्तरदायित्व से निपटने में निराशा या अयोग्यता का अनुभव ना करें।
सहभागिता का सिद्धांत ( Principle of Participation )
सहभागिता का सिद्धांत ( Principle of Participation in Hindi ) – प्रशासन में कर्मचारियों की सहभागिता से उनमें अपनेपन व वफादारी की भावना का विकास होता है। कर्मचारी को संगठन में अपने मूल्य का पता लगना चाहिए और साथ ही साथ उनमें सहभागिता की भावना भी विकसित होने चाहिए। यह सिद्धांत सलाहकारिता और सहभागिता के चिंतन पर आधारित है जहां नियोक्ता -कर्मचारी संबंध आपसी विश्वास पर आधारित होते हैं।
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उचित वेतन का सिद्धांत ( Principle of Fair Compensation )
उचित वेतन का सिद्धांत ( Principle of Fair Compensation in Hindi ) – वेतन प्रणाली उचित व क्षमता पूर्ण होनी चाहिए। कार्यस्थल पर सही कार्य स्थितियां व अन्य कल्याण सेवाएं भी होनी चाहिए। अच्छी व सुप्रशासित वेतन योजनाओं का पूरे संगठन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रत्येक संगठन को अपने कर्मचारियों का वेतन इस प्रकार से निर्धारित करना चाहिए कि किसी भी कर्मचारी को यह अपर्याप्त ना लगे।
राष्ट्रीय संपन्नता में योगदान का सिद्धांत ( Principle of Contribution to National Prosperity )
राष्ट्रीय संपन्नता में योगदान का सिद्धांत ( Principle of Contribution to National Prosperity in Hindi ) – राष्ट्रीय संपन्नता व विकास में योगदान का सिद्धांत भी कार्मिक प्रशासन का एक महत्वपूर्ण सिद्धान्त हैं । नीतियों व कार्यक्रम का निर्धारण करते समय ,प्रत्येक संगठन को राष्ट्रीय विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखना चाहिए। कार्मिक प्रशासन का यह कार्य है कि वह कार्मिकों का शिक्षण व विकास करें ताकि देश के सामाजिक आर्थिक विकास जैसे राष्ट्रीय उद्देश्य की प्राप्ति के लिए उनका योगदान प्राप्त किया जा सके।
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नियंत्रण व अनुशासन का सिद्धांत ( Principle of Control and Discipline )
नियंत्रण व अनुशासन का सिद्धांत ( Principle of Control and Discipline in Hindi ) – कर्मचारियों पर नियंत्रण रखना और उनमें अनुशासन पैदा करना ,कार्मिक प्रशासन का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं । इसके लिए एक आचार सहिंता बनाना और उसे लागू करना आवश्यक है । अनुशासनात्मक कार्यवाहियों को पहले से ही बता देना आवश्यक हैं ताकि गलती करने वाले कर्मचारियों पर नियंत्रण रखा जा सके ।
प्रलोभन का सिद्धांत ( Principle of Incentive )
प्रलोभन का सिद्धांत ( Principle of Incentive in Hindi )- कर्मचारियों से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए यह एक प्रभावशाली उपकरण है। प्रलोभन वित्तीय या गैर वित्तीय दोनों प्रकार के हो सकते हैं। अच्छे काम के लिए कर्मचारियों की प्रशंसा की जानी चाहिए ताकि उन्हें प्रेरणा मिले और अन्य भी वैसे ही कार्य करने को प्रेरित हो। यह कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने में चमत्कार की तरह सिद्ध होता है। वेतन में वृद्धि, पदोन्नति और प्रशंसा पत्र आदि जैसे प्रलोभन पसंद किए जाते हैं।
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कार्य के आदर का सिद्धांत ( Principle of Dignity of Labour )
कार्य के आदर का सिद्धांत ( Principle of Dignity of Labour in Hindi ) – कार्मिक प्रशासन में कार्य के आदर के सिद्धांत की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रशासन में कार्य का आदर नहीं होगा तो कर्मचारी पूरी क्षमता से कार्य नहीं करेंगे। प्रबंध को कर्मचारियों के साथ मशीन या कल-पुर्जों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। जनशक्ति के साथ उचित न्याय पूर्ण व मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए। प्रबंध व कार्मिकों के बीच आपसी सम्मान होना चाहिए।
पर्याप्त संचार का सिद्धांत ( Principle of Adequate Communication )
पर्याप्त संचार का सिद्धांत ( Principle of Adequate Communication in Hindi ) – संचार ,प्रशासन का एक महत्वपूर्ण सिद्धान हैं । अक्सर बुरा संचारी की समस्याओं व गलतफहमियों का मूल कारण होता है। संचार , संगठन में जानकारी फैलाने में सहायक है। कर्मचारियों को नीतियों,कार्यक्रमों और उद्देश्यों के साथ – साथ उनसे संबंधित सारी सूचना का ज्ञान भी होना चाहिए ।
टीम भावना का सिद्धान्त ( Principle of Team Spirit )
टीम भावना का सिद्धान्त ( Principle of Team Spirit in Hindi ) – प्रत्येक संगठन या संस्था टीम की तरह कार्य करती हैं । सही तरह से काम करने के लिए हर संगठन को टीम भावना की आवश्यकता होती हैं । टीम भावना के बिना कोई भी प्रशासन सफलता से कार्य नहीं कर सकता । कार्मिक नीतियों व कार्यक्रमों का निर्माण इस प्रकार से किया जाना चाहिए कि कर्मचारियों की टीम भावना को प्रोत्साहन मिल सके ।
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FAQ Checklist
कार्मिक प्रशासन के मौलिक सिद्धांत कौन से है ?
कार्मिक प्रशासन के मौलिक सिद्धांत निम्नलिखित हैं –
1 ) कार्मिक विकास का सिद्धांत 2) वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया का सिद्धांत 3) सहभागिता का सिद्धांत 4 ) प्रलोभन का सिद्धांत 5 ) टीम भावना का सिद्धांत
टीम भावना का सिद्धांत क्यों जरूरी हैं ?
टीम भावना का सिद्धान्त ( Principle of Team Spirit in Hindi ) – प्रत्येक संगठन या संस्था टीम की तरह कार्य करती हैं । सही तरह से काम करने के लिए हर संगठन को टीम भावना की आवश्यकता होती हैं । टीम भावना के बिना कोई भी प्रशासन सफलता से कार्य नहीं कर सकता ।
पर्याप्त संचार का सिद्धांत से क्या तात्पर्य हैं ?
पर्याप्त संचार का सिद्धांत ( Principle of Adequate Communication in Hindi ) – संचार ,प्रशासन का एक महत्वपूर्ण सिद्धान हैं । अक्सर बुरा संचारी की समस्याओं व गलतफहमियों का मूल कारण होता है। संचार , संगठन में जानकारी फैलाने में सहायक है। कर्मचारियों को नीतियों,कार्यक्रमों और उद्देश्यों के साथ – साथ उनसे संबंधित सारी सूचना का ज्ञान भी होना चाहिए ।
वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया का सिद्धांत क्या है ?
वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया का सिद्धांत ( Principle of Scientific Selection Procedures in Hindi ) – आधुनिक समय में प्रशासन को कई कठिन समस्याओं तथा स्थितियों का सामना करना पड़ता है। यह आवश्यक है कि संगठन एक वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया अपनाएं ताकि जनशक्ति में उपयुक्त व्यक्ति लिए जा सके।
कार्मिक विकास का सिद्धांत क्या हैं ?
कार्मिक विकास का सिद्धांत ( Principle of Personnel Development in Hindi ) – आज के शीघ्रता से परिवर्तित होते हुए विश्व में, कर्मचारी तभी अपनी योग्यता बनाए रख सकते हैं ,यदि वे अपने ज्ञान व निपुणता को सुधारते रहे। प्रत्येक कर्मचारी को विकास के लिए पूर्ण व समान अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। ताकि वह अपनी सर्वोत्तम योग्यता को पहचान सके।
सहभागिता का सिद्धांत से क्या समझते हैं ।
सहभागिता का सिद्धांत ( Principle of Participation in Hindi ) – प्रशासन में कर्मचारियों की सहभागिता से उनमें अपनेपन व वफादारी की भावना का विकास होता है। यह सिद्धांत सलाहकारिता और सहभागिता के चिंतन पर आधारित है जहां नियोक्ता -कर्मचारी संबंध आपसी विश्वास पर आधारित होते हैं।
कार्य के आदर का सिद्धांत क्या है ?
कार्य के आदर का सिद्धांत ( Principle of Dignity of Labour in Hindi ) – कार्मिक प्रशासन में कार्य के आदर के सिद्धांत की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रशासन में कार्य का आदर नहीं होगा तो कर्मचारी पूरी क्षमता से कार्य नहीं करेंगे।
प्रलोभन का सिद्धांत क्यों जरूरी हैं ?
प्रलोभन का सिद्धांत ( Principle of Incentive in Hindi )- कर्मचारियों से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए यह एक प्रभावशाली उपकरण है। प्रलोभन वित्तीय या गैर वित्तीय दोनों प्रकार के हो सकते हैं। वेतन में वृद्धि, पदोन्नति और प्रशंसा पत्र आदि जैसे प्रलोभन पसंद किए जाते हैं।
उचित वेतन का सिद्धांत क्या है ?
उचित वेतन का सिद्धांत ( Principle of Fair Compensation in Hindi ) – वेतन प्रणाली उचित व क्षमता पूर्ण होनी चाहिए। अच्छी व सुप्रशासित वेतन योजनाओं का पूरे संगठन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
नियंत्रण व अनुशासन का सिद्धांत महत्वपूर्ण क्यों हैं ?
नियंत्रण व अनुशासन का सिद्धांत ( Principle of Control and Discipline in Hindi ) – कर्मचारियों पर नियंत्रण रखना और उनमें अनुशासन पैदा करना ,कार्मिक प्रशासन का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं । इसके लिए एक आचार सहिंता बनाना और उसे लागू करना आवश्यक है ।
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