Pressure Group Various pressure groups in India

Pressure Groups in India -12 विभिन्न दबाव – समूहों के नाम

राजनीति विज्ञान हित और दबाव समूह

Pressure Groups – Modern Democratic Governance System- दबाव -समूह -आधुनिक लोकतंत्रीय शासन प्रणाली ने जहां राजनीतिक दलों के विकास में सहायता की है वही वहाँ उसने अनेक दबाव -समूहों को भी जन्म दिया है । आज लगभग सभी देशों में हित-समूह और दबाव -समूह पाया जाता हैं । यह संगठन प्रायः एक व्यवसाय के लोगों का एक गुट होता हैं जो अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की नीतियों  को प्रभावित करने का प्रयत्न करता रहता है । आइये विभिन्न दबाव -समूहों के नाम विस्तार से जानते है Let us learn about the various pressure groups in detail-

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Let us learn about the names of various pressure groups in detail –

Table of Contents विषय सूची

दबाव समूह का परिचय Introduction to Pressure Groups in Hindi

Pressure Groups Introduction in Hindi- दबाव -समूह सभी विकासशील और विकसित देशों में कार्यरत हैं । जब समान हित वाले समूह अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सरकार से सहायता चाहने लगता हैं और विधानमंडल के सदस्यों को इस रूप में प्रभावित करने का प्रयत्न करने लगता हैं कि सामान्य कानूनों का निर्माण अथवा उनमें संशोधन करते समय उनके हितों को ध्यान में रखा जाए तो वह दबाव -समूह का रूप धारण कर लेता है ।

दबाव -समूह Pressure Groups सार्वजनिक नीतियों को प्रभावित करने वाले निजी समुदाय हैं । इन समूहों का उद्देश्य सरकार को प्रभावित करके अपने हितों को बनाये रखना होता हैं । समान हित ही दबाव संगठन का मूलाधार है । दबाव समूह राजनीतिक संगठन नहीं होते बल्कि ये गैर राजनीतिक स्वरूप के होते है ।
दबाव समूह दो प्रकार की होती हैं । एक है सामुदायिक समूह Communal Groups और दूसरा संघात्मक समूह Associational Groups । 

भारत में विभिन्न दबाव -समूह Various Pressure Groups in India

भारत में वर्तमान समय मे निम्नलिखित दबाव -समूह कार्यरत हैं The following pressure groups are currently active in India –

विशेष हित -समूह Special Interest Groups in Hindi

विशेष हित -समूह Special Interest Groups- भारत में इस श्रेणी के हित – समूहों का उदय पश्चिम के देशों के आधार पर हुआ है और इनकी संख्या बड़ी तेजी से बढ़ती जा रही हैं । इनमें से कोई संगठन किसी न किसी राजनीतिक दल से संबंधित हैं । इनमें से मुख्य हित – समूह निम्नलिखित हैं –

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मजदूर संघ Labour Unions in Hindi

मजदूर संघ Labour Unions- भारत में मजदूर संघो का नेतृत्व बुद्धिवादियों के हाथ में है । इनका निर्माण राजनीतिक दलों के नेताओं व्दारा किया गया है । इस कारण इनका देश के प्रमुख राजनीतिक दलों से इतना गहरा संबंध हैं कि इन्हें इनका सहायक संगठन कहा जाता हैं , जैसे सन 1920 में भारत अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस All India Trade Union Congress का जन्म हुआ । इसके निर्माण में कांग्रेस नेताओं का प्रमुख हाथ रहा है ।

परिणामस्वरूप आज भी प्रमुख मजदूर संघ राजनीतिक दलों के प्रभाव में है As a result, even today, major trade unions remain under the influence of political parties। इस समय देश में प्रमुख छह मजदूर संघ हैं – 1) भारत अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस All India Trade Union Congress, 2) इण्डियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस Indian National Trade Union Congress, 3 ) हिन्द मजदूर सभा Hind Mazdoor Sabha, 4 )भारतीय मजदूर संघ Bharatiya Mazdoor Sangh, 5) सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियन Centre of Trade Unions, 6 ) यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस United Trade Union Congress।

अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस पर साम्यवादियों का , भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस पर कांग्रेस का , हिन्द मजदूर सभा पर समाजवादियों का , भारतीय मजदूर संघ पर  भारतीय जनता पार्टी का और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस पर वामपंथियों Leftists का नियंत्रण है ।

किसान संगठन Farmer’s Association in Hindi

किसान संगठन Farmer’s Association- भारत एक कृषि – प्रधान देश होने के बावजूद भी यहां मजदूर संघों की अपेक्षा कृषक संगठनों का जन्म बाद में हुआ है और आज भी उनका संगठन सक्रिय और शक्तिशाली नहीं है । ये संगठन इतने शक्तिशाली नहीं हुए हैं कि वे सर्वाजनिक नीतियों पर कोई प्रभाव डाल सकें ।आपसी मतभेद के कारण ये संगठन क्षीण तथा शिथिल हैं , जिसके कारण किसानों का अभी तक व्यावसायिक हित – समूह विकसित नहीं हो सका हैं ।

अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना सन 1936 में की गई । अखिल भारतीय किसान सभा के नेता कांग्रेस के सहयोग से संतुष्ट नहीं थे अतः शीघ्र ही इस से संस्था पर साम्यवादियों का नियंत्रण कायम हो गया ।

किसान सभा पर साम्यवादियों का नियंत्रण स्थापित होने के बाद समाजवादियों ने ‘ हिन्द किसान पंचायत ‘ Hind Kisan Panchayat की स्थापना की । मार्क्सवादियों ने ‘ यूनाइटेड किसान सभा ‘ United Farmers’ Union की स्थापना की । इसके अतिरिक्त ‘ भारतीय किसान यूनियन ‘ Indian Farmers Union तथा क्रांतिकारी किसान सम्मेलन इत्यादि प्रमुख किसान संगठन हैं ।

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विद्यार्थी संघ Student’s Union in Hindi

विद्यार्थी संघ Student’s Union- विद्यार्थी संघ Student’s Union भी सरकार की रीति -नीति को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं । आज विद्यार्थी राजनीतिक क्षेत्र में विशेष दिलचस्पी रखते हैं और राजनीतिक क्रिया – कलाप में सक्रिय सहयोग देते हैं । विद्यार्थी संघ किसी न किसी राजनीतिक दल से संबंधित होते हैं ।

विद्यार्थी संघों की अपनी अपनी पृथक यूनियनें होती हैं , जिनके व्दारा वे अपनी मांगों को पूरा करवाने का प्रयत्न करते रहते हैं । कभी – कभी ये संघ अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए हड़ताल , घेराव , बंद आदि तरीकों को अपनाते हैं । इनमें ‘ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( All Indian Students Federation ) , प्रगतिशील छात्र संघ ( Progressive student Union ), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन ( Democratic Students Union ), तथा ‘ अखिल भारतीय सिक्ख विद्यार्थी फेडरेशन ( All India Sikh Students Federation ) आदि प्रमुख हैं ।

महिला संगठन Women’s Union in Hindi

महिला संगठन Women’s Union- भारत में दबाव – समूहों के अंतर्गत कुछ महिला संगठन भी आते हैं । स्त्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए महिला संगठन सक्रिय रहे हैं ।  ‘ अखिल भारतीय महिला सम्मेलन ‘ All India Women’s Conference सबसे महत्वपूर्ण महिला संगठन हैं । इसका मुख्य उद्देश्य स्त्री – समाज के कल्याण के लिए विभिन्न प्रकार के कार्य करना तथा उसकी सामाजिक व कानूनी स्थिति में सुधार लाना हैं ।

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व्यापारिक समूह The Business Groups in Hindi

व्यापारिक समूह The Business Groups- जहां मुक्त या मिश्रित Free or mixed अर्थ – व्यवस्था होती हैं वहां व्यापारिक समूह बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । इसका कारण यह हैं कि उनके पास काफी वित्तीय साधन होते हैं , जिनके माध्यम से वे अपने हितों की रक्षा कर सकते हैं । भारत में सन 1830 में एक ‘ व्यापारी संघ ‘ Traders’ Association का गठन किया गया था । 

सन 1834 में कलकत्ता वाणिज्य -मंडल की स्थापना की गई , जिनकी सदस्यता केवल अंग्रेज व्यापारियों तक ही सीमित थी । भारतीयों ने अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए सन 1887 में ‘ भारतीय वाणिज्य – मण्डल ‘ Indian Chamber of Commerce का गठन किया । इस संस्था का कार्य -क्षेत्र केवल बंगाल तक ही सीमित था ।

सन 1907 में बम्बई के व्यापारियों ने इसी प्रकार का एक संगठन बनाया । इसके बाद 1909 में दक्षिण भारत में एक वाणिज्य – मण्डल की स्थापना की गई । भारत के विभिन्न वाणिज्य -मण्डल एक केंद्रीय संगठन व्दारा आपस में जुड़े हुए हैं , जिसे ‘ भारतीय वाणिज्य और उधोग मण्डल संघ ‘ Federation of Indian Chambers of Commerce and Industries अर्थात In other words फिक्की ( FICCI ) कहते हैं । इसका प्रधान कार्यालय नई दिल्ली में हैं ।

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व्यवसायिक हित -समूह  Professional Interest Groups in Hindi

व्यवसायिक हित -समूह  Professional Interest Groups- भारत में व्यवसायिक हित -समूह  Professional Interest Groups  बड़ी संख्या में पाए जाते हैं । लगभग सभी व्यवसायों  से संबंधित लोगों ने अपने -अपने हितों की रक्षा के लिए पृथक – पृथक संगठन स्थापित कर लिए है ।

उदाहरणस्वरूप , इनमें वकीलों की ‘ अखिल भारतीय बार एसोसिएशन ( All India Bar Association ) ,डॉक्टरों की ‘अखिल भारतीय मेडिकल परिषद ‘ ( All India Medical Council ) , रेलवे कर्मचारियों का ‘ अखिल भारतीय रेलवे कर्मचारी संघ ‘ ( All India Railwaymen Association ) , डाक एवं तार विभाग के कर्मचारियों का ‘ अखिल भरतीय पोस्टल एवं टेलीग्राफ कर्मचारी संघ ( All India Postal and Telegraph Workers Union ) , अखिल भारतीय विश्वविद्यालय और कॉलेज अध्यापक संघ  ( All India Federation of University and College Teachers ) , अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ ( All India Bank Employees Association )  इत्यादि उल्लेखनीय हैं ।

जाति एवं भाषा पर आधारित हित -समूह Caste and Language Interest Groups in Hindi

जाति एवं भाषा पर आधारित हित -समूह Caste and Language Interest Groups- भारत में जाति तथा भाषा पर आधारित दबाव – समूह भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं । इनका उद्देश्य अपनी जाति तथा भाषा को प्रोत्साहन देना है । जाति समूहों में मारवाड़ी एसोसिएशन Marwari Association, वैश्य महासभा Vaishya Mahasabha, हरिजन सेवक संघ , तमिलनाडु में नादर जाति संघ , बिहार और उड़ीसा में झारखंड व हूल एंग्लो – इंडियन Hool Anglo-Indian तथा ईसाई संघ के नाम उल्लेखनीय हैं । भाषायी दबाव – समूह के आंदोलनों ने देश की एकता को काफी हानि पहुँचाई ।

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गांधीवादी विचारधारा पर आधारित हित -समूह Interest Groups Based on Gandhian Ideology in Hindi

गांधीवादी विचारधारा पर आधारित हित -समूह Interest Groups Based on Gandhian Ideology- भारत में दबाव -समूहों की एक अन्य प्रमुख श्रेणी गांधीवादी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाली हैं । ये दबाव – समूह गांधी जी के सिद्धांतों एवं आदर्शों पर आधारित हैं । ये समूह किसी विशेष वर्ग के हित के लिए कार्य नहीं करते , बल्कि सबके कल्याण और समृद्धि के लिए कार्य करते हैं । ये समूह अन्य दबाव -समूहों की भांति सरकार पर दबाव नहीं डालते ।

सरकारी कर्मचारियों के दबाव -समूह Pressure Groups of Government Employees in Hindi

सरकारी कर्मचारियों के दबाव -समूह Pressure Groups of Government Employees- सरकारी कर्मचारियों ने अपने हितों की रक्षा के लिए अनेक संघो की स्थापना की हैं । अखिल भारतीय केंद्रीय कर्मचारी यूनियन , रेलवे कर्मचारी यूनियन , डाक – तार कर्मचारी संघ , राज्य स्तरीय कर्मचारी संघ इत्यादि सरकारी कर्मचारियों के मुख्य दबाव – समूह हैं ।

कबायली दबाव -समूह Tribal Pressure Groups in Hindi

कबायली दबाव -समूह Tribal Pressure Groups- भारत के अनेक पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले कबायली लोगों ने दबाव – समूहों की स्थापना की हैं । इनमें संयुक्त मीजो संघात्मक संगठन ( United Mizo Federal Organization ) , नागा -राष्ट्रीय परिषद ( Naga National Council ) , आसाम का कबायली संघ ( Tribal Sangh of Assam ) , आसाम की कबायली लीग ( Tribal League of Assam ), आदि उल्लेखनीय हैं ।

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जन -कल्याण व जनसेवा संबंधित समुदाय Welfare Societies and Services Groups in Hindi

जन -कल्याण व जनसेवा संबंधित समुदाय Welfare Societies and Services Groups- ऐसे समूह किसी खास वर्ग, जाति या मजहब से संबंध नहीं रखते । वे किन्ही सिद्धान्तों , आदर्शों या जीवन – मूल्यों के लिए प्रयत्नशील हैं। भारत में छुआछूत, बाल – विवाह , दहेज -प्रथा और बच्चों की बलि देने जैसी कुप्रथाएँ विधमान रही हैं।

भारत में दबाव – समूहों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं । उदाहरण के लिए ,आज भारत में केन्द्रीयकरण की प्रवृत्ति बढ़ रही है , अधिकांश शक्तियां केंद्रीय सरकार के हाथों में केंद्रित होती जा रही हैं । दबाव – समूह अपने साधनों व्दारा सरकार की निरंकुशता को रोकते हैं, ताकि वह अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न कर सके।

FAQs About the Various Pressure Groups

प्रश्न- 1. दबाव -समूह कैसे बनते हैं ?How are pressure groups formed in Hindi?

उत्तर- दबाव -समूह सभी विकासशील और विकसित देशों में कार्यरत हैं । जब समान हित वाले समूह अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सरकार से सहायता चाहने लगता हैं और विधानमंडल के सदस्यों को इस रूप में प्रभावित करने का प्रयत्न करने लगता हैं कि सामान्य कानूनों का निर्माण अथवा उनमें संशोधन करते समय उनके हितों को ध्यान में रखा जाए तो वह दबाव -समूह का रूप धारण कर लेता है ।

प्रश्न-2 . दबाव-समूह क्या होती हैं ?What are pressure groups in Hindi?

उत्तर- दबाव -समूह Pressure Groups सार्वजनिक नीतियों को प्रभावित करने वाले निजी समुदाय हैं । इन समूहों का उद्देश्य सरकार को प्रभावित करके अपने हितों को बनाये रखना होता हैं । समान हित ही दबाव संगठन का मूलाधार है । दबाव समूह राजनीतिक संगठन नहीं होते बल्कि ये गैर राजनीतिक स्वरूप के होते है ।

प्रश्न- 3. दबाव-समूह के प्रकार बताएं। Explain the types of pressure groups in Hindi.

उत्तर- दबाव समूह दो प्रकार की होती हैं । एक है सामुदायिक समूह Communal Groups और दूसरा संघात्मक समूह Associational Groups । 

प्रश्न- 4. भारत में विभिन्न दबाव -समूहों के नाम बताएं। Name the various pressure groups in India in Hindi.

उत्तर- भारत में विभिन्न दबाव-समूह– मजदूर संघ Labour Union, किसान संगठन Farmers’ organizations, विद्यार्थी संघ Student Union, महिला संगठन Women’s organization, व्यापारिक समूह Business group। 

प्रश्न- 5. विशेष हित-समूह क्या हैं ?What are special interest groups in Hindi?

उत्तर- विशेष हित -समूह -भारत में इस श्रेणी के हित – समूहों का उदय पश्चिम के देशों के आधार पर हुआ है और इनकी संख्या बड़ी तेजी से बढ़ती जा रही हैं । इनमें से कोई संगठन किसी न किसी राजनीतिक दल से संबंधित हैं ।

प्रश्न-6. मजदूर संघ से क्या तात्पर्य हैं ?What is meant by a labour union in Hindi?

उत्तर- मजदूर संघ labour union- भारत में मजदूर संघो का नेतृत्व बुद्धिवादियों Intellectual leadership के हाथ में है । इनका निर्माण राजनीतिक दलों के नेताओं व्दारा किया गया है । इस कारण इनका देश के प्रमुख राजनीतिक दलों से इतना गहरा संबंध हैं कि इन्हें इनका सहायक संगठन कहा जाता हैं , जैसे सन 1920 में भारत अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस ( All India Trade Union Congress ) का जन्म हुआ । इसके निर्माण में कांग्रेस नेताओं का प्रमुख हाथ रहा है ।

प्रश्न- 7. किसान संगठन क्या हैं ?What are farmers’ organizations in Hindi?

उत्तर- किसान संगठन Farmer’s Association- भारत एक कृषि – प्रधान देश होने के बावजूद भी यहां मजदूर संघों की अपेक्षा कृषक संगठनों का जन्म बाद में हुआ है और आज भी उनका संगठन सक्रिय और शक्तिशाली नहीं है । ये संगठन इतने शक्तिशाली नहीं हुए हैं कि वे सर्वाजनिक नीतियों पर कोई प्रभाव डाल सकें । आपसी मतभेद के कारण ये संगठन क्षीण तथा शिथिल हैं , जिसके कारण किसानों का अभी तक व्यावसायिक हित – समूह विकसित नहीं हो सका हैं ।

प्रश्न- 8. विद्यार्थी संघ से क्या तात्पर्य हैं ?What is meant by a student union in Hindi?

उत्तर- विद्यार्थी संघ Student’s Union- सरकार की रीति -नीति को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं । आज विद्यार्थी राजनीतिक क्षेत्र में विशेष दिलचस्पी रखते हैं और राजनीतिक क्रिया – कलाप में सक्रिय सहयोग देते हैं । विद्यार्थी संघ किसी न किसी राजनीतिक दल से संबंधित होते हैं ।

प्रश्न- 9. महिला संगठन की भूमिका क्या हैं ?What is the role of women’s organizations in Hindi?

उत्तर- महिला संगठन Women’s Union- भारत में दबाव – समूहों के अंतर्गत कुछ महिला संगठन भी आते हैं । स्त्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए महिला संगठन सक्रिय रहे हैं ।  ‘ अखिल भारतीय महिला सम्मेलन ‘ ( All India Women’s Conference ) सबसे महत्वपूर्ण महिला संगठन हैं ।

प्रश्न- 10. महिला संगठन के मुख्य कार्य क्या हैं ?What are the main functions of a women’s organization in Hindi?

उत्तर- इसका मुख्य उद्देश्य स्त्री – समाज के कल्याण के लिए विभिन्न प्रकार के कार्य करना तथा उसकी सामाजिक व कानूनी स्थिति में सुधार लाना हैं ।

प्रश्न-11 . व्यापारिक समूह की भूमिका बताएं। Explain the role of a business group in Hindi.

उत्तर- व्यापारिक समूह The Business Groups- जहां मुक्त या मिश्रित अर्थ – व्यवस्था होती हैं वहां व्यापारिक समूह बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । इसका कारण यह हैं कि उनके पास काफी वित्तीय साधन होते हैं , जिनके माध्यम से वे अपने हितों की रक्षा कर सकते हैं । भारत में सन 1830 में एक ‘ व्यापारी संघ ‘ का गठन किया गया था । 

प्रश्न- 12. जाति एवं भाषा पर आधारित हित -समूह से क्या अभिप्राय हैं ? What is meant by interest groups based on caste and language in Hindi?

उत्तर- जाति एवं भाषा पर आधारित हित – समूह -भारत में जाति तथा भाषा पर आधारित दबाव – समूह भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं । इनका उद्देश्य अपनी जाति तथा भाषा को प्रोत्साहन देना है । भाषायी दबाव – समूह के आंदोलनों ने देश की एकता को काफी हानि पहुँचाई ।

प्रश्न- 13. हित-समूह के उद्देश्य क्या हैं ? What are the objectives of an interest group in Hindi?

उत्तर- इनका उद्देश्य अपनी जाति तथा भाषा को प्रोत्साहन देना है । जाति समूहों में मारवाड़ी एसोसिएशन , वैश्य महासभा , हरिजन सेवक संघ , तमिलनाडु में नादर जाति संघ , बिहार और उड़ीसा में झारखंड व हूल एंग्लो – इंडियन तथा ईसाई संघ के नाम उल्लेखनीय हैं ।

प्रश्न- 14. गांधीवादी विचारधारा पर आधारित हित -समूह से क्या तात्पर्य हैं ?What is meant by interest groups based on Gandhian ideology in Hindi?

उत्तर- भारत में दबाव -समूहों की एक अन्य प्रमुख श्रेणी गांधीवादी विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाली हैं । ये दबाव – समूह गांधी जी के सिद्धांतों एवं आदर्शों पर आधारित हैं । ये समूह किसी विशेष वर्ग के हित के लिए कार्य नहीं करते , बल्कि सबके कल्याण और समृद्धि के लिए कार्य करते हैं । ये समूह अन्य दबाव -समूहों की भांति सरकार पर दबाव नहीं डालते ।

प्रश्न-15 . सरकारी कर्मचारियों के दबाव -समूह से क्या तात्पर्य हैं ?What is meant by pressure groups of government employees in Hindi?

उत्तर- सरकारी कर्मचारियों के दबाव -समूह -सरकारी कर्मचारियों ने अपने हितों की रक्षा के लिए अनेक संघो की स्थापना की हैं । अखिल भारतीय केंद्रीय कर्मचारी यूनियन , रेलवे कर्मचारी यूनियन , डाक – तार कर्मचारी संघ , राज्य स्तरीय कर्मचारी संघ इत्यादि सरकारी कर्मचारियों के मुख्य दबाव – समूह हैं ।

प्रश्न- 16. कबायली दबाव -समूह क्या हैं ?What are tribal pressure groups in Hindi?

उत्तर- कबायली दबाव -समूह -भारत के अनेक पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले कबायली लोगों ने दबाव – समूहों की स्थापना की हैं । इनमें संयुक्त मीजो संघात्मक संगठन ( United Mizo Federal Organization ) , नागा -राष्ट्रीय परिषद ( Naga National Council ) , आसाम का कबायली संघ ( Tribal Sangh of Assam ) , आसाम की कबायली लीग ( Tribal League of Assam ), आदि उल्लेखनीय हैं ।

प्रश्न- 17. जन -कल्याण व जनसेवा संबंधित समुदाय के कार्य बताएं। Describe community activities related to public welfare and public service in Hindi.

उत्तर- जन -कल्याण व जनसेवा संबंधित समुदाय Welfare Societies and Services Groups- ऐसे समूह किसी खास वर्ग , जाति या मजहब से संबंध नहीं रखते । वे किन्ही सिद्धान्तों , आदर्शों या जीवन – मूल्यों के लिए प्रयत्नशील हैं । भारत में छुआछूत , बाल – विवाह , दहेज -प्रथा और बच्चों की बलि देने जैसी कुप्रथाएँ विधमान रही हैं ।

प्रश्न-18. भारत के प्रमुख छह मजदूर संघ कौन से हैं ?Which are the six major trade unions in India in Hindi?

उत्तर- इस समय देश में प्रमुख छह मजदूर संघ हैं – 1) भारत अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस , 2) इण्डियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस , 3 ) हिन्द मजदूर सभा , 4 )भारतीय मजदूर संघ , 5) सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियन , 6 ) यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस ।

प्रश्न-19. किसान संगठन के कुछ उदाहरण बताएं। Give some examples of farmers’ organizations in Hindi.

उत्तर- किसान सभा पर साम्यवादियों का नियंत्रण स्थापित होने के बाद समाजवादियों ने ‘ हिन्द किसान पंचायत ‘ Hind Kisan Panchayat की स्थापना की । मार्क्सवादियों ने ‘यूनाइटेड किसान सभा ‘ United Farmers Union की स्थापना की । इसके अतिरिक्त ‘ भारतीय किसान यूनियन ‘ Indian Farmers’ Union तथा क्रांतिकारी किसान सम्मेलन इत्यादि प्रमुख किसान संगठन हैं ।

प्रश्न-20. विद्यार्थी संघों की पृथक यूनियनें कौन सी हैं ?Which are the separate student unions in Hindi?

उत्तर- विद्यार्थी संघों की अपनी अपनी पृथक यूनियनें होती हैं , जिनके व्दारा वे अपनी मांगों को पूरा करवाने का प्रयत्न करते रहते हैं । कभी – कभी ये संघ अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए हड़ताल , घेराव , बंद आदि तरीकों को अपनाते हैं । इनमें ‘ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( All Indian Students Federation )  , प्रगतिशील छात्र संघ ( progressive student Union ) , डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन ( Democratic Students Union ) , तथा ‘ अखिल भारतीय सिक्ख विद्यार्थी फेडरेशन ( All India Sikh Students Federation ) आदि प्रमुख हैं ।

प्रश्न- 21. विद्यार्थी संघ अपनी मांगों को पूरा करने के लिए क्या करते हैं ?What do student unions do to get their demands met in Hindi?

उत्तर- ये संघ अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए हड़ताल , घेराव , बंद आदि तरीकों को अपनाते हैं । इनमें ‘ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( All Indian Students Federation )  , प्रगतिशील छात्र संघ ( progressive student Union ) , डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन ( Democratic Students Union )

प्रश्न-22 . विद्यार्थी संघ के कुछ उदाहरण बताएं। Give some examples of student unions in Hindi.

उत्तर- इनमें ‘ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( All Indian Students Federation )  , प्रगतिशील छात्र संघ ( progressive student Union ) , डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन ( Democratic Students Union ) , तथा ‘ अखिल भारतीय सिक्ख विद्यार्थी फेडरेशन ( All India Sikh Students Federation ) आदि प्रमुख हैं ।

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